नशा हम करते हैं

नशा हम करते हैं;
इलज़ाम शराब को दिया जाता है;
मगर इल्ज़ाम शराब का नहीं उनका है;
जिनका चेहरा हमें हर जाम में नज़र आता है…!

इतनी पीता हूँ कि मदहोश रहता हूँ

इतनी पीता हूँ कि मदहोश रहता हूँ;
सब कुछ समझता हूँ पर खामोश रहता हूँ;
जो लोग करते हैं मुझे गिराने की कोशिश;
मैं अक्सर उन्ही के साथ रहता हूँ।

तुम क्या जानो शराब कैसे पिलाई जाती है

तुम क्या जानो शराब कैसे पिलाई जाती है;
खोलने से पहले बोतल हिलाई जाती है;
फिर आवाज़ लगायी जाती है आ जाओ टूटे दिल वालों;
यहाँ दर्द-ए-दिल की दवा पिलाई जाती है ।।