ज़िंदगी से अपना हर दर्द छुपा लेना

ज़िंदगी से अपना हर दर्द छुपा लेना;
ख़ुशी न सही गम गले लगा लेना;
कोई अगर कहे मोहब्बत आसान है;
तो उसे मेरा टूटा हुआ दिल दिखा देना!!

आज तेरी याद सीने से लगा कर हम रोये

आज तेरी याद सीने से लगा कर हम रोये;
तन्हाई में तुझे पास बुला कर हम रोये;
कई बार पुकारा इस दिल ने तुम्हें;
हर बार तुम्हें ना पाकर हम रोये।

Khushi Wear

कश्ती के मुसाफिर ने समन्दर नहीं देखा

कश्ती के मुसाफिर ने समन्दर नहीं देखा;
आँखों को देखा पर दिल मे उतर कर नहीं देखा;
पत्थर समझते है मेरे चाहने वाले मुझे;
हम तो मोम है किसी ने छूकर नहीं देखा।

दुश्मन भी मेरे मुरीद हैं शायद

दुश्मन भी मेरे मुरीद हैं शायद;
वक़्त बेवक्त मेरा नाम लिया करते हैं;
मेरी गली से गुज़रते हैं छुपा के खंजर;
रु-ब-रु होने पर सलाम किया करते हैं!

केसे बना था ये घोसला वो तूफान क्या जाने

किसी के दिल पे क्या गुजरी हे वो अनजान क्या जाने;
प्यार किसको कहते हे वो नादान क्या जाने;
हवा के साथ उठा ले गया घर का परिंदा;
केसे बना था ये घोसला वो तूफान क्या जाने!!

तुझे चाहा भी तो “इजहार” न कर सके

तुझे चाहा भी तो “इजहार” न कर सके;
कट गई उम्र किसी से “प्यार” न कर सके;
तुने माँगा भी तो अपनी “जुदाई” मांगी;
और हम थे की “इंकार” न कर सके!!