हर खुशी की इंतेहाँ हो गई

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हर खुशी की इंतेहाँ हो गई
मेरी बर्बादी ही मेरी वफ़ा रह गई
कैसे माँग लू प्यार उस बेवफा से
जब वो बेवफा ही किसी और की हो गई!

Har khushi ki intehan ho gai
Meri barbaadi hi meri vaafa rah gai
Kaise maang lun pyaar us bevapha se
jab vo bevapha hi kisi aur ki ho gai!!

गमो की बरसात समेटे बैठा हूँ

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गमो की बरसात समेटे बैठा हूँ,
किसी बेवफा से फरेब खाए बैठा हूँ,
जाने कब देगा उपरवाला मौत मुझे,
खुदा के भरोसे आस लगाए बैठा हूँ!

Gamo ki barasaat samete baitha hoon,
Kisi bevapha se phareb khae baitha hoon,
Jaane kab dega uparwala maut mujhe,
Khuda ke bharose aas lagae baitha hoon!

वो जमाने में यूँ ही बेवफ़ा

Sad Shayari

वो जमाने में यूँ ही बेवफ़ा;
मशहूर हो गये दोस्त।

हजारों चाहने वाले थे;
किस-किस से वफ़ा करते।।

Vo Jamane mein yoon hi bevafa;
Mashahoor ho gaye dost.

Hajaron chaahane vaale the;
kis-kis se vafa karate..

तुम क्या जानो क्या है तन्हाई

Hindi Bewafa Shayari

तुम क्या जानो क्या है तन्हाई;
टूटे हर पत्ते से पूछो क्या है जुदाई;
यूँ बेवफ़ाई का इल्ज़ाम ना दे ए-ज़ालिम;
इस वक़्त से पूछ किस वक़्त तेरी याद ना आई!

Tum Kya Jano Kya Hai Tanhai;
Toote Har Patte Se Puchho Kya Hai Judai;
Yun Bevafai Ka Ilzaam Na De E-Zaalim;
Is Vaqt Se Puchh Kis Vaqat Teri Yaad Na Aai!

आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए

Bewafa Shayari

आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए;
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए;
करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो;
पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए!!

Aag Dil Mein Lagi Jab Wo Khafa Huye;
Mahasoos Hua Tab, Jab Wo Juda Huye;
Karke Vaafa Kuchh De Na Sake Vo;
Par Bahut Kuch De Gye Jab Vo Bevafa Hua!!

हमने चाहा था जिसे उसे दिल से भुलाया न गया

Bewafa Hindi Shayari

हमने चाहा था जिसे उसे दिल से भुलाया न गया;
जख्म अपने दिल का लोगों से छुपाया न गया;
बेवफाई के बाद भी प्यार करता है दिल उनसे;
कि बेवफाई का इल्ज़ाम भी उस पर लगाया न गया!!

Hamne Chaaha Tha Jise Use Dil Se Bhulaaya Na Gaya;
Jakhm Apane Dil Ke Logon Se Chhupaaya Na Gaya;
Bevaphai Ke Baad Bhi Pyar Karta Hai Dil Unse;
Ki Bebhaphai Ka Iljam Bhi Us Par Lagaya Na Gya!!

Jisne kabhi chahton ka paigaam likha

Bewafa Shayari - Jisne kabhi chahton ka
Jisne kabhi chahton ka paigaam likha tha,
Jisne apna sab kuch mere naam likha tha,
Suna hai aaj use mere zikr se bhi nafrat hai,
Jisne kabhi apne dil par mera naam likha tha.

Hindi Text: –

जिसने कभी चाहतों का पैगाम लिखा था,
जिसने अपना सब कुछ मेरे नाम लिखा था,
सुना है आज उसे मेरे ज़िक्र से भी नफरत है
जिसने कभी अपने दिल पर मेरा नाम लिखा था.

वो कह कर गई थी कि लौटकर आऊँगी

वो कह कर गई थी कि लौटकर आऊँगी;
मैं इंतजार ना करता तो क्या करता;
वो झूठ भी बोल रही थी बड़े सलीके से;
मैं एतबार ना करता तो क्या क्या करता।

Vo Kah Raha Tha Ki Lautakar Aaoongee;
Main Intajaar Na Karata To Kya Karata;
Vo Jhooth Bhee Bol Raha Tha Badee Saleeke Se,
Main Etabaar Na Karata To Kya Karata Hai।