रूठी जो जिदंगी तो मना लेंगे हम

रूठी जो जिदंगी तो मना लेंगे हम;
मिले जो गम वो सह लेंगे हम;
बस आप रहना हमेशा साथ हमारे तो;
निकलते हुए आंसूओ में भी मुस्कुरा लेंगे हम!!

नज़रे करम मुझ पर इतना न कर

नज़रे करम मुझ पर इतना न कर;
कि तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं;
मुझे इतना न पिला इश्क-ए-जाम की;
मैं इश्क़ के जहर का आदी हो जाऊं।