ना वक्त इतना हैं कि सिलेबस पूरा किया जाए

ना वक्त इतना हैं कि सिलेबस पूरा किया जाए,
ना तरकीब कोई की एग्जाम पास किया जाए,
ना जाने कौन सा दर्द दिया है इस पढ़ाई ने,
ना रोया जाय और ना सोया जाए!!

Khushi Wear

हसीना से मिलें नजरें अट्रैक्शन हो भी सकता है

हसीना से मिलें नजरें अट्रैक्शन हो भी सकता है,
चढ़े फीवर मोहब्बत का तो एक्शन हो भी सकता है,
हसीनों को मुसीबत तुम समझ कर दूर ही रहना,
ये अंग्रेजी दवाएं हैं रिएक्शन हो भी सकता है।

शायर घर मे पत्नी के साथ बैठा है

शायर घर मे पत्नी के साथ बैठा है,
तभी प्रेमिका का मिसकॉल आता हैं..

शायर का प्रेमिका को शायरी में जवाब:

हवा की लहरें बनके मेरी खिड़की मत खटखटा,
मैें बंद खिड़की में बवंडर संभाल के बैठा हूँ