तुम क्या जानो क्या है तन्हाई

तुम क्या जानो क्या है तन्हाई;
टूटे हर पत्ते से पूछो क्या है जुदाई;
यूँ बेवफ़ाई का इल्ज़ाम ना दे ए-ज़ालिम;
इस वक़्त से पूछ किस वक़्त तेरी याद ना आई!

दिल टूटेगा तो फरियाद करोगे तुम भी

दिल टूटेगा तो फरियाद करोगे तुम भी;
हम न रहे तो हमने याद करोगे तुम भी;
आज कहते हो हमारे पास वक़्त नहीं हैं;
पर एक दिन मेरे लिए वक़्त बर्बाद करोगे तुम भी!!

Khushi Wear

रोया हूँ बहुत तब जरा करार मिला है

रोया हूँ बहुत तब जरा करार मिला है;
इस जहाँ में किसे भला सच्चा प्यार मिला है;
गुजर रही है जिंदगी इम्तिहान के दौर से;
एक ख़तम तो दूसरा तैयार मिला है !!

मुझको तो दर्द-ए-दिल का मज़ा याद आ गया

मुझको तो दर्द-ए-दिल का मज़ा याद आ गया;
तुम क्यों हुए उदास तुम्हें क्या याद आ गया…?

कहने को जिंदगी थी बहुत मुख्तसर मगर;
कुछ यूँ बसर हुई कि खुदा याद आ गया!!

दर्द क्या होता है बताएँगे किसी रोज़

दर्द क्या होता है बताएँगे किसी रोज़,
कमाल की ग़ज़ल तुम को सुनायेंगे किसी रोज़।

थी उन की ज़िद के मैं जाऊँ उन को मनाने,
मुझ को ये वहम था वो बुलाएंगे किसी रोज़।

उड़ने दो इन परिंदों को आज़ाद फ़िज़ाओं में,
तुम्हारे होंगे अगर, तो लौट आएंगे किसी रोज़।