हर खुशी की इंतेहाँ हो गई

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हर खुशी की इंतेहाँ हो गई
मेरी बर्बादी ही मेरी वफ़ा रह गई
कैसे माँग लू प्यार उस बेवफा से
जब वो बेवफा ही किसी और की हो गई!

Har khushi ki intehan ho gai
Meri barbaadi hi meri vaafa rah gai
Kaise maang lun pyaar us bevapha se
jab vo bevapha hi kisi aur ki ho gai!!