प्यास दिल की बुझाने वो कभी आया भी नहीं

प्यास दिल की बुझाने वो कभी आया भी नहीं;
कैसा बादल है जिसका कोई साया भी नहीं;
बेरुखी इससे बड़ी और भला क्या होगी;
एक मुद्दत से हमें उसने सताया भी नहीं।

Khushi Wear

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