नज़रे करम मुझ पर इतना न कर

नज़रे करम मुझ पर इतना न कर;
कि तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं;
मुझे इतना न पिला इश्क-ए-जाम की;
मैं इश्क़ के जहर का आदी हो जाऊं।

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