मुकम्मल है इबादत और मैं वतन ईमान रखता हूँ

मुकम्मल है इबादत और मैं वतन ईमान रखता हूँ;
वतन के शान की खातिर हथेली पे जान रखता हूँ!

क्यु पढ़ते हो मेरी आँखों में नक्शा पाकिस्तान का;
मुस्लमान हूँ मैं सच्चा, दिल में हिंदुस्तान रखता हूँ!!